To, Shri Manmohan Singh ji, The Honable Prime Minister of India, New Delhi. Sub: Justice and compensation for the victims of the Hashimpura Massacre of 1987 and adequate representation of Muslims in Para Military services of the nation. Honable Prime Minister, It has been 25 years since the most gruesome massacre of Hashimpura took place on May 22, 1987. Several PAC Jawans are still being tried for the shooting and killing of 42 Muslims in Meerut. Justice has eluded the Hashimpura victims in the Courtrooms of Uttar Pradesh and Tis Hazari where the case is still pending.
: मुख्य शासन सचिव ने पीसीपीएनडीटी को लेकर दिए दिशानिर्देश : बाडमेर। पीसीपीएनडीटी अधिनियम को कठोरता से लागू करने के लिए राज्य सरकार ने सख्ती बरतते हुए सभी जिलाधिकारियों को सतर्कता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। कन्या भ्रूण हत्या रोकने को लेकर दृढ़संकल्पित राज्य सरकार ने विभिन्न निर्णय लेते हुए बुधवार को हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में दिशानिर्देश दिए। मुख्य शासन सचिव की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने को लेकर अहम निर्णय लेते हुए सरकार ने सभी अधिकारियों को कहा है कि अब भविष्य में जब भी विवाह पंजीयन हो, वहां संबंधित दंपति से शपथ पत्र लें कि वे लिंग की जांच नहीं करवाएंगे और न ही कन्या भ्रूण हत्या करेंगे। इसके अलावा जिलास्तर पर एक एडवाईजरी कमेटी बनाने के आदेश दिए गए हैं, जिसकी एक निर्धारित तिथि को बैठक होगी और बैठक में मासिक गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। वहीं सोनोग्राफी करवाने वाली प्रत्येक गर्भवती की टेकिंग की जाएगी कि कहीं उसने अन्य संस्थान पर जाकर भ्रूण हत्या तो नहीं करवाई। इसके साथ ही एमटीपी करने वाले प्रत्येक निजी चिकित्सालयों की जांच भी स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जाएगी।